लापता सहायक अभियंता का नही मिला सुराग,परिजनों ने दिया कोतवाली मंे धरना

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उत्तरकाशी। एक सप्ताह पहले डुंडा से लापता हुए अपर सहायक अभियंता को ढूंढने की मांग को लेकर परिजन कलेक्ट्रेट और कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर जांच में देरी करने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर पुलिस द्वारा जल्द ही सहायक अभियंता को नहीं खोजा गया, तो सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
बीते 12 मई की रात एनएच खंड लोक निर्माण विभाग में कार्यरत अपर सहायक अभियंता अमित चैहान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उसके बाद परिजनों ने ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उनका सुराग नहीं लगा। जिससे परिजनों द्वारा कोतवाली उत्तरकाशी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं, जब एक सप्ताह बाद इंजीनियर का कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजन उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसी बीच एडीएम रजा अब्बास ने परिजनों से कहा कि वह अपना ज्ञापन दे दें। प्रशासन और पुलिस इंजीनियर को ढूंढने की पूरी कोशिश कर रही है।
परिजनों का कहना है कि अमित चैहान देहरादून से एक ठेकेदार के साथ डुंडा आये थे। उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। मामले में पुलिस भी जांच में देरी कर रही है, जिससे हम कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं, जबकि कुछ लोग नगर कोतवाली में धरने पर बैठे हैं।   कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि गुमशुदा इंजीनियर के अपहरण की तहरीर पटेलनगर थाना देहरादून में दर्ज हुई है। यहां पर भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इंजीनियर को ढूंढने का पूरा प्रयास कर रही है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

चारों धामों में रील पर रोक सरकार का व्यावहारिक निर्णयःभट्ट
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि  चारोंधामों के परिसर में रील बनाने पर रोक सरकार का सही और व्यावहारिक निर्णय है। उन्होंने यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने को राज्य की आर्थिकी के लिए सुनहरा अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सबकी सहभागिता बेहद जरूरी है। कहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी यात्रा व्यवस्थाओं की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह ग्राउंड जीरो पर जाकर यात्रियों से फीड बैक ले रहे हैं। यह आमजन और श्रद्धालुओं में उत्साह भरने वाला कदम है।
उन्हांेने कहा कि साल-दर-साल तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या प्रदेश की आर्थिकी के लिए सुनहरा अवसर है।लिहाजा सरकार के साथ हम सभी सवा करोड़ देवभूमिवासियों का भी दायित्व है कि राज्य की मेहमाननवाजी की शानदार तस्वीर लेकर श्रद्धालु जाएं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि सड़क, आवास, पानी, स्वास्थ्य, खानपान, संचार आदि की व्यवस्था दुरुस्त हो। उसके लिए धामों कीऐसा करने में तात्कालिक रूप से स्थानीय व्यावसायियों को कुछ नुकसान नजर आ सकता है। क्षमता के अनुसार ही लोगों को वहां पहुंचना भी जरूरी है।
लेकिन, धीरे-धीरे यात्रा आगे बढ़ने पर बड़े लाभ के रूप में उन्हें स्थायी रूप से प्राप्त होने वाला है। बिना पंजीकरण यात्रा की अनुमति न देने के फैसले का उन्होंने स्वागत किया। यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि अन्य लोगों की आस्था, परंपरा एवं रीति रिवाजों को चोट पहुंचाने वाला कोई कृत्य न करें।