स्पर्श हिमालय विश्विद्यालय ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर
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देहरादून। स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की उपाध्यक्ष विदुषी निशंक ने दीप प्रज्वलित कर किया स इसके उपरांत इदले की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड कराटे अकादमी के तत्वाधान में छात्राओं एवं संकाय को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण एवं गुर सिखाया गया स कराटे अकादमी के निदेशक राजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि समाज मे नारी को आत्मविश्वास से पूर्ण एवं शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने के लिए कराटे सहित आत्मरक्षा के सभी दाव पेंच सीखने की नितांत आवश्यकता है। संस्था की उपाध्यक्ष विदुषी निशंक ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के प्रथम नागरिक के रूप मे राष्ट्रपति के पद पर महिला का होना ही इस बात को बल देता है की महिला समाज की एक मजबूत रीढ़ बन चुकी है और देश की सभी सेवाओं में महिलाओं की सहभागिता अग्रणी पंक्ति में है जो अत्यंत ही सुखद है, जिसे निरंतर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से और आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत विश्व के सभी देशों से भिन्न इसलिए भी है कि यहां नारी की पूजा होती है और उसे सम्मान दिया जाता है स देवी-देवताओं में भी जहां ज्ञान और समृद्धि की प्रतीक सरस्वती और लक्ष्मी हैं वहीँ रौद्रता का प्रतीक माँ काली और दुर्गा भी है। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गोविन्द सिंह रजवार ने कहा कि यह विश्विद्यालय समय समय पर महिला सशक्तिकरण से जुड़े हुए अनेक कार्यक्रम आयोजित कर जनजागरुकता एवं नई पीढ़ी को अनेकों अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. साक्षी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पल्लवी वार्ष्णेय द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति आर. सी सुन्द्रियाल, संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली, कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, संयुक्त निदेशक प्रदीप कोठियाल, प्राचार्या अंजना विलियम्स सहित संकाय प्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।